पदच्छेदः
| अब्रवीत् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| तदा | तदा (अव्ययः) |
| देवो | देव (१.१) |
| रावणिं | रावणि (२.१) |
| कमलोद्भवः | कमलोद्भव (१.१) |
| नास्ति | न (अव्ययः)–अस्ति (√अस् लट् प्र.पु. एक.) |
| सर्वामरत्वं | सर्व–अमर–त्व (१.१) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| केषांचित् | कश्चित् (६.३) |
| प्राणिनां | प्राणिन् (६.३) |
| भुवि | भू (७.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | ब्र | वी | त्तु | त | दा | दे | वो |
| रा | व | णिं | क | म | लो | द्भ | वः |
| ना | स्ति | स | र्वा | म | र | त्वं | हि |
| के | षां | चि | त्प्रा | णि | नां | भु | वि |