पदच्छेदः
| उल्कावन्तं | उल्कावत् (२.१) |
| दरीवन्तं | दरीवत् (२.१) |
| हिमवत्संनिभं | हिमवन्त्–संनिभ (२.१) |
| गिरिम् | गिरि (२.१) |
| पश्यमानस्ततो | पश्यमान (√पश् + शानच्, १.१)–ततस् (अव्ययः) |
| विन्ध्यं | विन्ध्य (२.१) |
| रावणो | रावण (१.१) |
| नर्मदां | नर्मदा (२.१) |
| ययौ | ययौ (√या लिट् प्र.पु. एक.) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| उ | ल्का | व | न्तं | द | री | व | न्तं |
| हि | म | व | त्सं | नि | भं | गि | रिम् |
| प | श्य | मा | न | स्त | तो | वि | न्ध्यं |
| रा | व | णो | न | र्म | दां | य | यौ |