M N Dutt
Flowers being thus collected, Rāvana, the king of Rākşasas descended into the Narmadā for bathing like a huge elephant into the Gangā. And having bathed he got up, reciting excellent incantations.
पदच्छेदः
| तत्र | तत्र (अव्ययः) |
| स्नात्वा | स्नात्वा (√स्ना + क्त्वा) |
| च | च (अव्ययः) |
| विधिवज्जप्त्वा | विधिवत् (अव्ययः)–जप्त्वा (√जप् + क्त्वा) |
| जप्यम् | जप्य (२.१) |
| अनुत्तमम् | अनुत्तम (२.१) |
| नर्मदासलिलात् | नर्मदा–सलिल (५.१) |
| तस्माद् | तद् (५.१) |
| उत्ततार | उत्ततार (√उत्-तृ लिट् प्र.पु. एक.) |
| स | तद् (१.१) |
| रावणः | रावण (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | त्र | स्ना | त्वा | च | वि | धि | व |
| ज्ज | प्त्वा | ज | प्य | म | नु | त्त | मम् |
| न | र्म | दा | स | लि | ला | त्त | स्मा |
| दु | त्त | ता | र | स | रा | व | णः |