७.३१.५

स एवं बाधमानस्तु पार्थिवान्पार्थिवर्षभ ।
चचार रावणो राम पृथिव्यां पृथिवीपते ॥

पदच्छेदः

तद् (१.१)
एवंएवम् (अव्ययः)
बाधमानस्तुबाधमान (√बाध् + शानच्, १.१)–तु (अव्ययः)
पार्थिवान्पार्थिव (२.३)
पार्थिवर्षभपार्थिव–ऋषभ (८.१)
चचारचचार (√चर् लिट् प्र.पु. एक.)
रावणोरावण (१.१)
रामराम (८.१)
पृथिव्यांपृथिवी (७.१)
पृथिवीपतेपृथिवीपति (८.१)

छन्दः

अनुष्टुप् [८]

छन्दोविश्लेषणम्

वं बा मास्तु
पार्थि वा न्पार्थिर्ष
चा रा णो रा
पृ थि व्यांपृथि वी ते