पदच्छेदः
| ततो | ततस् (अव्ययः) |
| माहिष्मतीं | माहिष्मती (२.१) |
| नाम | नाम (अव्ययः) |
| पुरीं | पुरी (२.१) |
| स्वर्गपुरीप्रभाम् | स्वर्गपुरी–प्रभा (२.१) |
| सम्प्राप्तो | सम्प्राप्त (√सम्प्र-आप् + क्त, १.१) |
| यत्र | यत्र (अव्ययः) |
| सांनिध्यं | सांनिध्य (२.१) |
| परमं | परम (२.१) |
| वसुरेतसः | वसुरेतस् (६.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | तो | मा | हि | ष्म | तीं | ना | म |
| पु | रीं | स्व | र्ग | पु | री | प्र | भाम् |
| सं | प्रा | प्तो | य | त्र | सा | म्नि | ध्यं |
| प | र | मं | व | सु | रे | त | सः |