पदच्छेदः
| नातिदीर्घेण | न (अव्ययः)–अति (अव्ययः)–दीर्घ (३.१) |
| कालेन | काल (३.१) |
| स | तद् (१.१) |
| ततो | ततस् (अव्ययः) |
| राक्षसो | राक्षस (१.१) |
| बली | बलिन् (१.१) |
| तं | तद् (२.१) |
| नर्मदाह्रदं | नर्मदा–ह्रद (२.१) |
| भीमम् | भीम (२.१) |
| आजगामाञ्जनप्रभः | आजगाम (√आ-गम् लिट् प्र.पु. एक.)–अञ्जन–प्रभा (१.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ना | ति | दी | र्घे | ण | का | ले | न |
| स | त | तो | रा | क्ष | सो | ब | ली |
| तं | न | र्म | दा | ह्र | दं | भी | म |
| मा | ज | गा | मा | ञ्ज | न | प्र | भः |