M N Dutt
But Rāvana was well protected by the boon of the celestial, so the club fell on earth sundered into two pieces like one hurled by a weak wight.
पदच्छेदः
| वरदानकृतत्राणे | वर–दान–कृत (√कृ + क्त)–त्राण (७.१) |
| सा | तद् (१.१) |
| गदा | गदा (१.१) |
| रावणोरसि | रावण–उरस् (७.१) |
| दुर्बलेव | दुर्बल (१.१)–इव (अव्ययः) |
| यथा | यथा (अव्ययः) |
| सेना | सेना (१.१) |
| द्विधाभूतापतत् | द्विधा (अव्ययः)–अभूत (√भू प्र.पु. एक.)–अपतत् (√पत् लङ् प्र.पु. एक.) |
| क्षितौ | क्षिति (७.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| व | र | दा | न | कृ | त | त्रा | णे |
| सा | ग | दा | रा | व | णो | र | सि |
| दु | र्ब | ले | व | य | था | से | ना |
| द्वि | धा | भू | ता | प | त | त्क्षि | तौ |