M N Dutt
Released by Arjuna, and yet not conceiving any shame, Rāvana, the king of Räkşasas again began to transverse the earth.
पदच्छेदः
| अर्जुनेन | अर्जुन (३.१) |
| विमुक्तस्तु | विमुक्त (√वि-मुच् + क्त, १.१)–तु (अव्ययः) |
| रावणो | रावण (१.१) |
| राक्षसाधिपः | राक्षस–अधिप (१.१) |
| चचार | चचार (√चर् लिट् प्र.पु. एक.) |
| पृथिवीं | पृथिवी (२.१) |
| सर्वाम् | सर्व (२.१) |
| अनिर्विण्णस्तथा | अनिर्विण्ण (१.१)–तथा (अव्ययः) |
| कृतः | कृत (√कृ + क्त, १.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | र्जु | ने | न | वि | मु | क्त | स्तु |
| रा | व | णो | रा | क्ष | सा | धि | पः |
| च | चा | र | पृ | थि | वीं | स | र्वा |
| म | नि | र्वि | ण्ण | स्त | था | कृ | तः |