M N Dutt
What to speak of animals made of flesh and blood anxious for their lives even the mountains make way when Vāli goes.पदच्छेदः
| वालिमार्गाद् | वालिन्–मार्ग (५.१) |
| अपाक्रामन् | अपाक्रामन् (√अप-क्रम् लङ् प्र.पु. बहु.) |
| पर्वतेन्द्रा | पर्वत–इन्द्र (१.३) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| गच्छतः | गच्छत् (√गम् + शतृ, ६.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ |
|---|---|---|---|
| वा | लि | मा | र्गा |
| द | पा | क्रा | म |
| न्प | र्व | ते | न्द्रा |
| हि | ग | च्छ | तः |