M N Dutt
What more, had not Hanumăn, the friend of the king of monkeys-Sugrīva, been in my company who could have brought Sītā intelligence?
पदच्छेदः
| हनूमान् | हनुमन्त् (१.१) |
| यदि | यदि (अव्ययः) |
| मे | मद् (६.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| स्याद् | स्यात् (√अस् विधिलिङ् प्र.पु. एक.) |
| वानराधिपतेः | वानर–अधिपति (६.१) |
| सखा | सखि (१.१) |
| प्रवृत्तम् | प्रवृत्त (√प्र-वृत् + क्त, २.१) |
| अपि | अपि (अव्ययः) |
| को | क (१.१) |
| वेत्तुं | वेत्तुम् (√विद् + तुमुन्) |
| जानक्याः | जानकी (६.१) |
| शक्तिमान् | शक्तिमत् (१.१) |
| भवेत् | भवेत् (√भू विधिलिङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ह | नू | मा | न्य | दि | मे | न | स्या |
| द्वा | न | रा | धि | प | तेः | स | खा |
| प्र | वृ | त्त | म | पि | को | वे | त्तुं |
| जा | न | क्याः | श | क्ति | मा | न्भ | वेत् |