M N Dutt
On account of the Parva I came to devour the sun but another Rahu came and possessed him.
पदच्छेदः
| अद्याहं | अद्य (अव्ययः)–मद् (१.१) |
| पर्वकाले | पर्वन्–काल (७.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| जिघृक्षुः | जिघृक्षु (१.१) |
| सूर्यम् | सूर्य (२.१) |
| आगतः | आगत (√आ-गम् + क्त, १.१) |
| अथान्यो | अथ (अव्ययः)–अन्य (१.१) |
| राहुर् | राहु (१.१) |
| आसाद्य | आसाद्य (√आ-सादय् + ल्यप्) |
| जग्राह | जग्राह (√ग्रह् लिट् प्र.पु. एक.) |
| सहसा | सहसा (अव्ययः) |
| रविम् | रवि (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | द्या | हं | प | र्व | का | ले | तु |
| जि | घृ | क्षुः | सू | र्य | मा | ग | तः |
| अ | था | न्यो | रा | हु | रा | सा | द्य |
| ज | ग्रा | ह | स | ह | सा | र | विम् |