M N Dutt
Yama granted invulnerability to his Danda and diseases. The Kuber told he will ever remain happy and satisfied even at the time adversary.
पदच्छेदः
| यमो | यम (१.१) |
| ऽपि | अपि (अव्ययः) |
| दण्डावध्यत्वम् | दण्ड–अवध्य–त्व (२.१) |
| अरोगत्वं | अरोग–त्व (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| नित्यशः | नित्यशस् (अव्ययः) |
| दिशते | दिशते (√दिश् लट् प्र.पु. एक.) |
| ऽस्य | इदम् (६.१) |
| वरं | वर (२.१) |
| तुष्टो | तुष्ट (√तुष् + क्त, १.१) |
| ऽविषादं | अविषाद (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| संयुगे | संयुग (७.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| य | मो | ऽपि | द | ण्डा | व | ध्य | त्व |
| म | रो | ग | त्वं | च | नि | त्य | शः |
| दि | श | ते | ऽस्य | व | रं | तु | ष्ट |
| अ | वि | षा | दं | च | सं | यु | गे |