M N Dutt
Sankara also bestowed upon him a great boon that this cannot be killed even by my weapons.पदच्छेदः
| मत्तो | मद् (५.१) |
| मदायुधानां | मद्–आयुध (६.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| न | न (अव्ययः) |
| वध्यो | वध्य (√वध् + कृत्, १.१) |
| ऽयं | इदम् (१.१) |
| भविष्यति | भविष्यति (√भू लृट् प्र.पु. एक.) |
| इत्येवं | इति (अव्ययः)–एवम् (अव्ययः) |
| शंकरेणापि | शंकर (३.१)–अपि (अव्ययः) |
| दत्तो | दत्त (√दा + क्त, १.१) |
| ऽस्य | इदम् (६.१) |
| परमो | परम (१.१) |
| वरः | वर (१.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| म | त्तो | म | दा | यु | धा | नां | च |
| न | व | ध्यो | ऽयं | भ | वि | ष्य | ति |
| इ | त्ये | वं | शं | क | रे | णा | पि |
| द | त्तो | ऽस्य | प | र | मो | व | रः |