M N Dutt
The Śiva having ruled the country of Mongoloids for a long time, offered to Rkşarajā with the passage of time.पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| राज्यं | राज्य (२.१) |
| चिरं | चिरम् (अव्ययः) |
| कृत्वा | कृत्वा (√कृ + क्त्वा) |
| वानराणां | वानर (६.३) |
| हरीश्वरः | हरि–ईश्वर (१.१) |
| ततस्त्वृक्षरजा | ततस् (अव्ययः)–तु (अव्ययः)–ऋक्षरजस् (१.१) |
| नाम | नाम (अव्ययः) |
| कालधर्मेण | कालधर्म (३.१) |
| संगतः | सङ्ग (५.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | तु | रा | ज्यं | चि | रं | कृ | त्वा |
| वा | न | रा | णां | ह | री | श्व | रः |
| त | त | स्त्व | र्क्ष | र | जा | ना | म |
| का | ल | ध | र्मे | ण | सं | ग | तः |