पदच्छेदः
| ऊचुश्चैव | ऊचुः (√वच् लिट् प्र.पु. बहु.)–च (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| महीपाला | महीपाल (१.३) |
| बलदर्पसमन्विताः | बल–दर्प–समन्वित (१.३) |
| न | न (अव्ययः) |
| नाम | नाम (अव्ययः) |
| रावणं | रावण (२.१) |
| युद्धे | युद्ध (७.१) |
| पश्यामः | पश्यामः (√दृश् लट् उ.पु. द्वि.) |
| पुरतः | पुरतस् (अव्ययः) |
| स्थितम् | स्थित (√स्था + क्त, २.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ऊ | चु | श्चै | व | म | ही | पा | ला |
| ब | ल | द | र्प | स | म | न्वि | ताः |
| न | ना | म | रा | व | णं | यु | द्धे |
| प | श्या | मः | पु | र | तः | स्थि | तम् |