M N Dutt
And when that night-ranger arrived at proper youth, his sire turned his attention towards his marriage.पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| यदा | यदा (अव्ययः) |
| यौवनं | यौवन (२.१) |
| भद्रम् | भद्र (२.१) |
| अनुप्राप्तो | अनुप्राप्त (√अनुप्र-आप् + क्त, १.१) |
| निशाचरः | निशाचर (१.१) |
| ततो | ततस् (अव्ययः) |
| दारक्रियां | दारक्रिया (२.१) |
| तस्य | तद् (६.१) |
| कर्तुं | कर्तुम् (√कृ + तुमुन्) |
| व्यवसितः | व्यवसित (√व्यव-सा + क्त, १.१) |
| पिता | पितृ (१.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | य | दा | यौ | व | नं | भ | द्र |
| म | नु | प्रा | प्तो | नि | शा | च | रः |
| त | तो | दा | र | क्रि | यां | त | स्य |
| क | र्तुं | व्य | व | सि | तः | पि | ता |