पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| विसृज्य | विसृज्य (√वि-सृज् + ल्यप्) |
| ततो | तत (√तन् + क्त, १.१) |
| रामः | राम (१.१) |
| पुष्पकं | पुष्पक (२.१) |
| हेमभूषितम् | हेमन्–भूषित (√भूषय् + क्त, २.१) |
| प्रविवेश | प्रविवेश (√प्र-विश् लिट् प्र.पु. एक.) |
| महाबाहुर् | महत्–बाहु (१.१) |
| अशोकवनिकां | अशोक–वनिका (२.१) |
| तदा | तदा (अव्ययः) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | वि | सृ | ज्य | त | तो | रा | मः |
| पु | ष्प | कं | हे | म | भू | षि | तम् |
| प्र | वि | वे | श | म | हा | बा | हु |
| र | शो | क | व | नि | कां | त | दा |