पदच्छेदः
| कोकिलैर् | कोकिल (३.३) |
| भृङ्गराजैश्च | भृङ्गराज (३.३)–च (अव्ययः) |
| नानावर्णैश्च | नाना (अव्ययः)–वर्ण (३.३)–च (अव्ययः) |
| पक्षिभिः | पक्षिन् (३.३) |
| शोभितां | शोभित (√शोभय् + क्त, २.१) |
| शतशश्चित्रैश्चूतवृक्षावतंसकैः | शतशस् (अव्ययः)–चित्र (३.३)–चूत–वृक्ष–अवतंसक (३.३) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| को | कि | लै | र्भृ | ङ्ग | रा | जै | श्च |
| ना | ना | व | र्णै | श्च | प | क्षि | भिः |
| शो | भि | तां | श | त | श | श्चि | त्रै |
| श्चू | त | वृ | क्षा | व | तं | स | कैः |