M N Dutt
Even that Rāma, who, when enraged, is capable of slaying the celestials, Gandharvas, Asuras and Rākşasas, has been engaged in the worship of destiny.
पदच्छेदः
| यो | यद् (१.१) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| देवान् | देव (२.३) |
| सगन्धर्वान् | स (अव्ययः)–गन्धर्व (२.३) |
| असुरान् | असुर (२.३) |
| सह | सह (अव्ययः) |
| राक्षसैः | राक्षस (३.३) |
| निहन्याद् | निहन्यात् (√नि-हन् विधिलिङ् प्र.पु. एक.) |
| राघवः | राघव (१.१) |
| क्रुद्धः | क्रुद्ध (√क्रुध् + क्त, १.१) |
| स | तद् (१.१) |
| दैवम् | दैव (२.१) |
| अनुवर्तते | अनुवर्तते (√अनु-वृत् लट् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| यो | हि | दे | वा | न्स | ग | न्ध | र्वा |
| न | सु | रा | न्स | ह | रा | क्ष | सैः |
| नि | ह | न्या | द्रा | घ | वः | क्रु | द्धः |
| स | दै | व | म | नु | व | र्त | ते |