पदच्छेदः
| प्रहस्तो | प्रहस्त (१.१) |
| ऽकम्पनैश्चैव | अकम्पन (३.३)–च (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| विकटः | विकट (१.१) |
| कालकार्मुकः | कालकार्मुक (१.१) |
| धूम्राक्षश्चाथ | धूम्राक्ष (१.१)–च (अव्ययः)–अथ (अव्ययः) |
| दण्डश्च | दण्ड (१.१)–च (अव्ययः) |
| सुपार्श्वश्च | सुपार्श्व (१.१)–च (अव्ययः) |
| महाबलः | महत्–बल (१.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| प्र | ह | स्तो | ऽक | म्प | नै | श्चै | व |
| वि | क | टः | का | ल | का | र्मु | कः |
| धू | म्रा | क्श | श्चा | थ | द | ण्ड | श्च |
| सु | पा | र्श्व | श्च | म | हा | ब | लः |