पदच्छेदः
| अनलश्चानिलश्चैव | अनल (१.१)–च (अव्ययः)–अनिल (१.१)–च (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| हरः | हर (१.१) |
| संपातिर् | सम्पाति (१.१) |
| एव | एव (अव्ययः) |
| च | च (अव्ययः) |
| एते | एतद् (१.३) |
| विभीषणामात्या | विभीषण–अमात्य (१.३) |
| मालेयास्ते | मालेय (१.३)–तद् (१.३) |
| निशाचराः | निशाचर (१.३) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | न | ल | श्चा | नि | ल | श्चै | व |
| ह | रः | सं | पा | ति | रे | व | च |
| ए | ते | वि | भी | ष | णा | मा | त्या |
| मा | ले | या | स्ते | नि | शा | च | राः |