पदच्छेदः
| अयोध्यायाः | अयोध्या (६.१) |
| पती | पति (१.१) |
| रामो | राम (१.१) |
| दीर्घकालं | दीर्घ–काल (२.१) |
| भविष्यति | भविष्यति (√भू लृट् प्र.पु. एक.) |
| सुखिनश्च | सुखिन् (१.३)–च (अव्ययः) |
| समृद्धाश्च | समृद्ध (√सम्-ऋध् + क्त, १.३)–च (अव्ययः) |
| भविष्यन्त्यस्य | भविष्यन्ति (√भू लृट् प्र.पु. बहु.)–इदम् (६.१) |
| चानुजाः | च (अव्ययः)–अनुज (१.३) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | यो | ध्या | याः | प | ती | रा | मो |
| दी | र्घ | का | लं | भ | वि | ष्य | ति |
| सु | खि | न | श्च | स | मृ | द्धा | श्च |
| भ | वि | ष्य | न्त्य | स्य | चा | नु | जाः |