M N Dutt
O Rāma, many a monarch has been already sued by the sages, O hero, to deliver them from this fear, but we have not yet found a deliverer.
पदच्छेदः
| बहवः | बहु (१.३) |
| पार्थिवा | पार्थिव (१.३) |
| राम | राम (८.१) |
| भयार्तैर् | भय–आर्त (३.३) |
| ऋषिभिः | ऋषि (३.३) |
| पुरा | पुरा (अव्ययः) |
| अभयं | अभय (२.१) |
| याचिता | याचित (√याच् + क्त, १.३) |
| वीर | वीर (८.१) |
| त्रातारं | त्रातृ (२.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| च | च (अव्ययः) |
| विद्महे | विद्महे (√विद् लट् उ.पु. द्वि.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ब | ह | वः | पा | र्थि | वा | रा | म |
| भ | या | र्तै | रृ | षि | भिः | पु | रा |
| अ | भ | यं | या | चि | ता | वी | र |
| त्रा | ता | रं | न | च | वि | द्म | हे |