पदच्छेदः
| यदा | यदा (अव्ययः) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| युद्धम् | युद्ध (२.१) |
| आकाङ्क्षन् | आकाङ्क्षत् (√आ-काङ्क्ष् + शतृ, १.१) |
| कश्चिद् | कश्चित् (१.१) |
| एनं | एनद् (२.१) |
| समाह्वयेत् | समाह्वयेत् (√समा-ह्वा विधिलिङ् प्र.पु. एक.) |
| तदा | तदा (अव्ययः) |
| शूलं | शूल (२.१) |
| गृहीत्वा | गृहीत्वा (√ग्रह् + क्त्वा) |
| तद् | तद् (१.१) |
| भस्म | भस्मन् (२.१) |
| रक्षः | रक्षस् (१.१) |
| करोति | करोति (√कृ लट् प्र.पु. एक.) |
| तम् | तद् (२.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| य | दा | तु | यु | द्ध | मा | का | ङ्क्ष |
| न्क | श्चि | दे | नं | स | मा | ह्व | येत् |
| त | दा | शू | लं | गृ | ही | त्वा | त |
| द्भ | स्म | र | क्षः | क | रो | ति | तम् |