M N Dutt
King Saudāsa saw those two Rākşasas and found the forest divested of all creatures. And enraged in consequence thereof he slew one of them.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| तौ | तद् (२.२) |
| राक्षसौ | राक्षस (२.२) |
| दृष्ट्वा | दृष्ट्वा (√दृश् + क्त्वा) |
| निर्मृगं | निर्मृग (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| वनं | वन (२.१) |
| कृतम् | कृत (√कृ + क्त, २.१) |
| क्रोधेन | क्रोध (३.१) |
| महताविष्टो | महत् (३.१)–आविष्ट (√आ-विश् + क्त, १.१) |
| जघानैकं | जघान (√हन् लिट् प्र.पु. एक.)–एक (२.१) |
| महेषुणा | महत्–इषु (३.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | तु | तौ | रा | क्ष | सौ | दृ | ष्ट्वा |
| नि | र्मृ | गं | च | व | नं | कृ | तम् |
| क्रो | धे | न | म | ह | ता | वि | ष्टो |
| ज | घा | नै | कं | म | हे | षु | णा |