M N Dutt
O you having long arms, all those who can confer boons have arrived here; they all wish for your victory; seeing us does not go without fruits.
पदच्छेदः
| वरदाः | वर–द (१.३) |
| स्म | स्म (अव्ययः) |
| महाबाहो | महत्–बाहु (८.१) |
| सर्व | सर्व (१.३) |
| एव | एव (अव्ययः) |
| समागताः | समागत (√समा-गम् + क्त, १.३) |
| विजयाकाङ्क्षिणस्तुभ्यम् | विजय–आकाङ्क्षिन् (१.३)–त्वद् (४.१) |
| अमोघं | अमोघ (१.१) |
| दर्शनं | दर्शन (१.१) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| नः | मद् (६.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| व | र | दाः | स्म | म | हा | बा | हो |
| स | र्व | ए | व | स | मा | ग | ताः |
| वि | ज | या | का | ङ्क्षि | ण | स्तु | भ्य |
| म | मो | घं | द | र्श | नं | हि | नः |