M N Dutt
He espied there Rāma in the midst of the councillors like Indra among the immortals burning in his own effulgence. And having bowed with folded hands to Răma, having truth for his prowess, Śatrughna, said.
पदच्छेदः
| सो | तद् (१.१)–तद् (१.१)–तद् (१.१) |
| ऽभिवाद्य | अभिवाद्य (√अभि-वादय् + ल्यप्)–अभिवाद्य (√अभि-वादय् + ल्यप्)–अभिवाद्य (√अभि-वादय् + ल्यप्) |
| महात्मानं | महात्मन् (२.१)–महात्मन् (२.१)–महात्मन् (२.१) |
| ज्वलन्तम् | ज्वलत् (√ज्वल् + शतृ, २.१)–ज्वलत् (√ज्वल् + शतृ, २.१)–ज्वलत् (√ज्वल् + शतृ, २.१) |
| इव | इव (अव्ययः)–इव (अव्ययः)–इव (अव्ययः) |
| तेजसा | तेजस् (३.१)–तेजस् (३.१)–तेजस् (३.१) |
| उवाच | उवाच (√वच् लिट् प्र.पु. एक.) |
| प्राञ्जलिर् | प्राञ्जलि (१.१) |
| भूत्वा | भूत्वा (√भू + क्त्वा) |
| रामं | राम (२.१) |
| सत्यपराक्रमम् | सत्य–पराक्रम (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| सो | ऽभि | वा | द्य | म | हा | त्मा | नं |
| ज्व | ल | न्त | मि | व | ते | ज | सा |
| उ | वा | च | प्रा | ञ्ज | लि | र्भू | त्वा |
| रा | मं | स | त्य | प | रा | क्र | मम् |