पदच्छेदः
| वीर्येण | वीर्य (३.१) |
| तपसा | तपस् (३.१) |
| चैव | च (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| ते | तद् (१.३) |
| ऽधिकाः | अधिक (१.३) |
| पूर्वजन्मनि | पूर्व–जन्मन् (७.१) |
| मानवा | मानव (१.३) |
| ये | यद् (१.३) |
| महात्मानस्तस्मिंस्त्रेतायुगे | महात्मन् (१.३)–तद् (७.१)–त्रेता–युग (७.१) |
| युगे | युग (७.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| वी | र्ये | ण | त | प | सा | चै | व |
| ते | ऽधि | काः | पू | र्व | ज | न्म | नि |
| मा | न | वा | ये | म | हा | त्मा | न |
| स्त | स्मिं | स्त्रे | ता | यु | गे | यु | गे |