पदच्छेदः
| तस्मिन् | तद् (७.१) |
| द्वापरसंख्याते | द्वापर–संख्यात (√सम्-ख्या + क्त, ७.१) |
| तपो | तपस् (१.१) |
| वैश्यान् | वैश्य (२.३) |
| समाविशत् | समाविशत् (√समा-विश् लङ् प्र.पु. एक.) |
| न | न (अव्ययः) |
| शूद्रो | शूद्र (१.१) |
| लभते | लभते (√लभ् लट् प्र.पु. एक.) |
| धर्मम् | धर्म (२.१) |
| उग्रं | उग्र (२.१) |
| तप्तं | तप्त (√तप् + क्त, २.१) |
| नरर्षभ | नर–ऋषभ (८.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | स्मि | न्द्वा | प | र | सं | ख्या | ते |
| त | पो | वै | श्या | न्स | मा | वि | शत् |
| न | शू | द्रो | ल | भ | ते | ध | र्म |
| मु | ग्रं | त | प्तं | न | र | र्ष | भ |