पदच्छेदः
| प्रतिगृह्य | प्रतिगृह्य (√प्रति-ग्रह् + ल्यप्) |
| ततो | तत (√तन् + क्त, १.१) |
| रामस्तद् | राम (१.१)–तद् (२.१) |
| आभरणम् | आभरण (२.१) |
| उत्तमम् | उत्तम (२.१) |
| आगमं | आगम (२.१) |
| तस्य | तद् (६.१) |
| दिव्यस्य | दिव्य (६.१) |
| प्रष्टुम् | प्रष्टुम् (√प्रच्छ् + तुमुन्) |
| एवोपचक्रमे | एव (अव्ययः)–उपचक्रमे (√उप-क्रम् लिट् प्र.पु. एक.) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| प्र | ति | गृ | ह्य | त | तो | रा | म |
| स्त | दा | भ | र | ण | मु | त्त | मम् |
| आ | ग | मं | त | स्य | दि | व्य | स्य |
| प्र | ष्टु | मे | वो | प | च | क्र | मे |