पदच्छेदः
| अत्यद्भुतम् | अति (अव्ययः)–अद्भुत (१.१) |
| इदं | इदम् (१.१) |
| ब्रह्मन् | ब्रह्मन् (८.१) |
| वपुषा | वपुस् (३.१) |
| युक्तम् | युक्त (√युज् + क्त, १.१) |
| उत्तमम् | उत्तम (१.१) |
| कथं | कथम् (अव्ययः) |
| भगवता | भगवत् (३.१) |
| प्राप्तं | प्राप्त (√प्र-आप् + क्त, १.१) |
| कुतो | कुतस् (अव्ययः) |
| वा | वा (अव्ययः) |
| केन | क (३.१) |
| वाहृतम् | वा (अव्ययः)–आहृत (√आ-हृ + क्त, १.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | त्य | द्भु | त | मि | दं | ब्र | ह्म |
| न्व | पु | षा | यु | क्त | मु | त्त | मम् |
| क | थं | भ | ग | व | ता | प्रा | प्तं |
| कु | तो | वा | के | न | वा | हृ | तम् |