पदच्छेदः
| भ्रातरं | भ्रातृ (२.१) |
| सुरथं | सुरथ (२.१) |
| राज्ये | राज्य (७.१) |
| अभिषिच्य | अभिषिच्य (√अभि-सिच् + ल्यप्) |
| नराधिपम् | नराधिप (२.१) |
| इदं | इदम् (२.१) |
| सरः | सरस् (२.१) |
| समासाद्य | समासाद्य (√समा-सादय् + ल्यप्) |
| तपस्तप्तं | तपस् (१.१)–तप्त (√तप् + क्त, १.१) |
| मया | मद् (३.१) |
| चिरम् | चिरम् (अव्ययः) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| भ्रा | त | रं | सु | र | थं | रा | ज्ये |
| अ | भि | षि | च्य | न | रा | धि | पम् |
| इ | दं | स | रः | स | मा | सा | द्य |
| त | प | स्त | प्तं | म | या | चि | रम् |