M N Dutt
And (Visņu) cut off the head flaming with ear rings of the charioteer of the shouting Sumáli; and thereat the horses of that Raksasa aimlessly strayed hither and thither.
पदच्छेदः
| सुमालेर् | सुमालि (६.१) |
| नर्दतस्तस्य | नर्दत् (√नर्द् + शतृ, ६.१)–तद् (६.१) |
| शिरो | शिरस् (२.१) |
| ज्वलितकुण्डलम् | ज्वलित (√ज्वल् + क्त)–कुण्डल (२.१) |
| चिछेद | चिछेद (√छिद् लिट् प्र.पु. एक.) |
| यन्तुर् | यन्तृ (६.१) |
| अश्वाश्च | अश्व (१.३)–च (अव्ययः) |
| भ्रान्तास्तस्य | भ्रान्त (√भ्रम् + क्त, १.३)–तद् (६.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| रक्षसः | रक्षस् (६.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| सु | मा | ले | र्न | र्द | त | स्त | स्य |
| शि | रो | ज्व | लि | त | कु | ण्ड | लम् |
| चि | च्छे | द | य | न्तु | र | श्वा | श्च |
| भ्रा | न्ता | स्त | स्य | तु | र | क्ष | सः |