M N Dutt
That head of lord of Rākşasas, terrific to behold, on being cut off (by Visnu), vomiting blood, fell down before (the Rākşasas), as formerly Rahu's head had fallen.
पदच्छेदः
| तच्छिरो | तद् (१.१)–शिरस् (१.१) |
| राक्षसेन्द्रस्य | राक्षस–इन्द्र (६.१) |
| चक्रोत्कृत्तं | चक्र–उत्कृत्त (√उत्-कृत् + क्त, १.१) |
| विभीषणम् | विभीषण (१.१) |
| पपात | पपात (√पत् लिट् प्र.पु. एक.) |
| रुधिरोद्गारि | रुधिर–उद्गारिन् (१.१) |
| पुरा | पुरा (अव्ययः) |
| राहुशिरो | राहु–शिरस् (१.१) |
| यथा | यथा (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | च्छि | रो | रा | क्ष | से | न्द्र | स्य |
| च | क्रो | त्कृ | त्तं | वि | भी | ष | णम् |
| प | पा | त | रु | धि | रो | द्गा | रि |
| पु | रा | रा | हु | शि | रो | य | था |