M N Dutt
Hearing the words of the vicious-souled Danda, maddened with lust, Sukra's daughter humbly said.
पदच्छेदः
| तस्य | तद् (६.१) |
| त्वेवं | तु (अव्ययः)–एवम् (अव्ययः) |
| ब्रुवाणस्य | ब्रुवाण (√ब्रू + शानच्, ६.१) |
| मोहोन्मत्तस्य | मोह–उन्मत्त (√उत्-मद् + क्त, ६.१) |
| कामिनः | कामिन् (६.१) |
| भार्गवी | भार्गवी (१.१) |
| प्रत्युवाचेदं | प्रत्युवाच (√प्रति-वच् लिट् प्र.पु. एक.)–इदम् (२.१) |
| वचः | वचस् (२.१) |
| सानुनयं | स (अव्ययः)–अनुनय (२.१) |
| नृपम् | नृप (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | स्य | त्वे | वं | ब्रु | वा | ण | स्य |
| मो | हो | न्म | त्त | स्य | का | मि | नः |
| भा | र्ग | वी | प्र | त्यु | वा | चे | दं |
| व | चः | सा | नु | न | यं | नृ | पम् |