M N Dutt
Like to the immortals welcoming the Chief of the deities the Rșis showered blessings upon Rāma from all sides while he was proceeding.
पदच्छेदः
| तं | तद् (२.१) |
| प्रयान्तं | प्रयान्त् (√प्र-या + शतृ, २.१) |
| मुनिगणा | मुनि–गण (१.३) |
| आशीर्वादैः | आशीर्वाद (३.३) |
| समन्ततः | समन्ततः (अव्ययः) |
| अपूजयन्महेन्द्राभं | अपूजयत् (√पूजय् लङ् प्र.पु. एक.)–महत्–इन्द्र–आभ (२.१) |
| सहस्राक्षम् | सहस्राक्ष (२.१) |
| इवामराः | इव (अव्ययः)–अमर (१.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| तं | प्र | या | न्तं | मु | नि | ग | णा |
| आ | शी | र्वा | दैः | स | म | न्त | तः |
| अ | पू | ज | य | न्म | हे | न्द्रा | भं |
| स | ह | स्रा | क्ष | मि | वा | म | राः |