M N Dutt
And having celebrated the Soma sacrifice, conversant with piety, established eternal fame in the three worlds.
पदच्छेदः
| सोमश्च | सोम (१.१)–च (अव्ययः) |
| राजसूयेन | राजसूय (३.१) |
| इष्ट्वा | इष्ट्वा (√यज् + क्त्वा) |
| धर्मेण | धर्म (३.१) |
| धर्मवित् | धर्म–विद् (१.१) |
| प्राप्तश्च | प्राप्त (√प्र-आप् + क्त, १.१)–च (अव्ययः) |
| सर्वलोकानां | सर्व–लोक (६.३) |
| कीर्तिं | कीर्ति (२.१) |
| स्थानं | स्थान (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| शाश्वतम् | शाश्वत (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| सो | म | श्च | रा | ज | सू | ये | न |
| इ | ष्ट्वा | ध | र्मे | ण | ध | र्म | वित् |
| प्रा | प्त | श्च | स | र्व | लो | का | नां |
| की | र्तिं | स्था | नं | च | शा | श्व | तम् |