M N Dutt
Having resolved thus and placed his son Madhureśvara on the throne Vſtra engaged in austerities creating terror to all deities.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| निक्षिप्य | निक्षिप्य (√नि-क्षिप् + ल्यप्) |
| सुतं | सुत (२.१) |
| ज्येष्ठं | ज्येष्ठ (२.१) |
| पौरेषु | पौर (७.३) |
| परमेश्वरम् | परम–ईश्वर (२.१) |
| तप | तपस् (२.१) |
| उग्रम् | उग्र (२.१) |
| उपातिष्ठत् | उपातिष्ठत् (√उप-स्था लङ् प्र.पु. एक.) |
| तापयन् | तापयत् (√तापय् + शतृ, १.१) |
| सर्वदेवताः | सर्व–देवता (२.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | नि | क्षि | प्य | सु | तं | ज्ये | ष्ठं |
| पौ | रे | षु | प | र | मे | श्व | रम् |
| त | प | उ | ग्र | मु | पा | ति | ष्ठ |
| त्ता | प | य | न्स | र्व | दे | व | ताः |