M N Dutt
If the slayer of Pāka celebrates a horse sacrifice, he shall again fearlessly be installed as the chief of deities.पदच्छेदः
| पुण्येन | पुण्य (३.१) |
| हयमेधेन | हयमेध (३.१) |
| माम् | मद् (२.१) |
| इष्ट्वा | इष्ट्वा (√यज् + क्त्वा) |
| पाकशासनः | पाकशासन (१.१) |
| पुनर् | पुनर् (अव्ययः) |
| एष्यति | एष्यति (√इ लृट् प्र.पु. एक.) |
| देवानाम् | देव (६.३) |
| इन्द्रत्वम् | इन्द्र–त्व (२.१) |
| अकुतोभयः | अकुतोभय (१.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| पु | ण्ये | न | ह | य | मे | धे | न |
| मा | मि | ष्ट्वा | पा | क | शा | स | नः |
| पु | न | रे | ष्य | ति | दे | वा | ना |
| मि | न्द्र | त्व | म | कु | तो | भ | यः |