पदच्छेदः
| बुधस्तु | बुध (१.१)–तु (अव्ययः) |
| तां | तद् (२.१) |
| निरीक्ष्यैव | निरीक्ष्य (√निः-ईक्ष् + ल्यप्)–एव (अव्ययः) |
| कामबाणाभिपीडितः | काम–बाण–अभिपीडित (√अभि-पीडय् + क्त, १.१) |
| नोपलेभे | न (अव्ययः)–उपलेभे (√उप-लभ् लिट् प्र.पु. एक.) |
| तदात्मानं | तदा (अव्ययः)–आत्मन् (२.१) |
| चचाल | चचाल (√चल् लिट् प्र.पु. एक.) |
| च | च (अव्ययः) |
| तदाम्भसि | तदा (अव्ययः)–अम्भस् (७.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| बु | ध | स्तु | तां | नि | री | क्ष्यै | व |
| का | म | बा | णा | भि | पी | डि | तः |
| नो | प | ले | भे | त | दा | त्मा | नं |
| च | चा | ल | च | त | दा | म्भ | सि |