M N Dutt
This fair damsel is our supreme lady. She has no husband. Journeying she has come here in the forest with us.पदच्छेदः
| अस्माकम् | मद् (६.३) |
| एषा | एतद् (१.१) |
| सुश्रोणी | सुश्रोणी (१.१) |
| प्रभुत्वे | प्रभु–त्व (७.१) |
| वर्तते | वर्तते (√वृत् लट् प्र.पु. एक.) |
| सदा | सदा (अव्ययः) |
| अपतिः | अपति (१.१) |
| काननान्तेषु | कानन–अन्त (७.३) |
| सहास्माभिर् | सह (अव्ययः)–मद् (३.३) |
| अटत्यसौ | अटति (√अट् लट् प्र.पु. एक.)–अदस् (१.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | स्मा | क | मे | षा | सु | श्रो | णी |
| प्र | भु | त्वे | व | र्त | ते | स | दा |
| अ | प | तिः | का | न | ना | न्ते | षु |
| स | हा | स्मा | भि | र | ट | त्य | सौ |