M N Dutt
And pushed off by the violence of the wind of (Garuda's) wings, the Rākṣasa Mālyavān also, joined by his own forces, departed for Lankā, covered with shame.
पदच्छेदः
| पक्षवातबलोद्धूतो | पक्ष–वात–बल–उद्धूत (√उत्-धू + क्त, १.१) |
| माल्यवान् | माल्यवन्त् (१.१) |
| अपि | अपि (अव्ययः) |
| राक्षसः | राक्षस (१.१) |
| स्वबलेन | स्व–बल (३.१) |
| समागम्य | समागम्य (√समा-गम् + ल्यप्) |
| ययौ | ययौ (√या लिट् प्र.पु. एक.) |
| लङ्कां | लङ्का (२.१) |
| ह्रिया | ह्री (३.१) |
| वृतः | वृत (√वृ + क्त, १.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| प | क्ष | वा | त | ब | लो | द्धू | तो |
| मा | ल्य | वा | न | पि | रा | क्ष | सः |
| स्व | ब | ले | न | स | मा | ग | म्य |
| य | यौ | ल | ङ्कां | ह्रि | या | वृ | तः |