M N Dutt
Whenever may a daughter be conferred, a daughter stayes, placing in uncertainly the three races* to which she is related. *The races respectively of her father, mother and husband.
पदच्छेदः
| मातुः | मातृ (६.१) |
| कुलं | कुल (१.१) |
| पितृकुलं | पितृ–कुल (१.१) |
| यत्र | यत्र (अव्ययः) |
| चैव | च (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| प्रदीयते | प्रदीयते (√प्र-दा प्र.पु. एक.) |
| कुलत्रयं | कुल–त्रय (२.१) |
| सदा | सदा (अव्ययः) |
| कन्या | कन्या (१.१) |
| संशये | संशय (७.१) |
| स्थाप्य | स्थाप्य (√स्थापय् + क्त्वा) |
| तिष्ठति | तिष्ठति (√स्था लट् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| मा | तुः | कु | लं | पि | तृ | कु | लं |
| य | त्र | चै | व | प्र | दी | य | ते |
| कु | ल | त्र | यं | स | दा | क | न्या |
| सं | श | ये | स्था | प्य | ति | ष्ठ | ति |