पदच्छेदः
| भरतस्यात्मजौ | भरत (६.१)–आत्मज (१.२) |
| वीरौ | वीर (१.२) |
| तक्षः | तक्ष (१.१) |
| पुष्कल | पुष्कल (७.१) |
| एव | एव (अव्ययः) |
| च | च (अव्ययः) |
| मातुलेन | मातुल (३.१) |
| सुगुप्तौ | सु (अव्ययः)–गुप्त (√गुप् + क्त, १.२) |
| तौ | तद् (१.२) |
| धर्मेण | धर्म (३.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| समाहितौ | समाहित (१.२) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| भ | र | त | स्या | त्म | जौ | वी | रौ |
| त | क्षः | पु | ष्क | ल | ए | व | च |
| मा | तु | ले | न | सु | गु | प्तौ | तौ |
| ध | र्मे | ण | च | स | मा | हि | तौ |