M N Dutt
Having thus said to the Brahmarși, Rāma commanded Bharata and welcomed the two princes.पदच्छेदः
| ब्रह्मर्षिम् | ब्रह्मर्षि (२.१) |
| एवम् | एवम् (अव्ययः) |
| उक्त्वा | उक्त्वा (√वच् + क्त्वा) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| भरतं | भरत (२.१) |
| सबलानुगम् | स (अव्ययः)–बल–अनुग (२.१) |
| आज्ञापयामास | आज्ञापयामास (√आ-ज्ञापय् प्र.पु. एक.) |
| तदा | तदा (अव्ययः) |
| कुमारौ | कुमार (२.२) |
| चाभ्यषेचयत् | च (अव्ययः)–अभ्यषेचयत् (√अभि-सेचय् लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ब्र | ह्म | र्षि | मे | व | मु | क्त्वा | तु |
| भ | र | तं | स | ब | ला | नु | गम् |
| आ | ज्ञा | प | या | मा | स | त | दा |
| कु | मा | रौ | चा | भ्य | षे | च | यत् |