पदच्छेदः
| उभे | उभ् (१.२) |
| पुरवरे | पुर–वर (१.२) |
| रम्ये | रम्य (१.२) |
| विस्तरैर् | विस्तर (३.३) |
| उपशोभिते | उपशोभित (√उप-शोभय् + क्त, १.२) |
| गृहमुख्यैः | गृह–मुख्य (३.३) |
| सुरुचिरैर् | सु (अव्ययः)–रुचिर (३.३) |
| विमानैः | विमान (३.३) |
| समवर्णिभिः | सम–वर्णिन् (३.३) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| उ | भे | पु | र | व | रे | र | म्ये |
| वि | स्त | रै | रु | प | शो | भि | ते |
| गृ | ह | मु | ख्यैः | सु | रु | चि | रै |
| र्वि | मा | नैः | स | म | व | र्णि | भिः |