पदच्छेदः
| तं | तद् (२.१) |
| घातं | घात (२.१) |
| घोरसंकाशं | घोर–संकाश (२.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| स्मरन्ति | स्मरन्ति (√स्मृ लट् प्र.पु. बहु.) |
| दिवौकसः | दिवौकस् (१.३) |
| निमेषान्तरमात्रेण | निमेष–अन्तर–मात्र (३.१) |
| तादृशानां | तादृश (६.३) |
| महात्मनाम् | महात्मन् (६.३) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| तं | घा | तं | घो | र | सं | का | शं |
| न | स्म | र | न्ति | दि | वौ | क | सः |
| नि | मे | षा | न्त | र | मा | त्रे | ण |
| ता | दृ | शा | नां | म | हा | त्म | नाम् |