M N Dutt
Hearing the words of the great saint, Saumitri speedily went to Råghava and communicated to him the arrival of the ascetic, saying.
पदच्छेदः
| तस्य | तद् (६.१) |
| तद्वचनं | तद् (२.१)–वचन (२.१) |
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| सौमित्रिस्त्वरयान्वितः | सौमित्रि (१.१)–त्वरा (३.१)–अन्वित (१.१) |
| न्यवेदयत | न्यवेदयत (√नि-वेदय् लङ् प्र.पु. एक.) |
| रामाय | राम (४.१) |
| तापसस्य | तापस (६.१) |
| विवक्षितम् | विवक्षित (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | स्य | त | द्व | च | नं | श्रु | त्वा |
| सौ | मि | त्रि | स्त्व | र | या | न्वि | तः |
| न्य | वे | द | य | त | रा | मा | य |
| ता | प | स | स्य | वि | व | क्षि | तम् |