अन्वयः
काकुत्स्थ born in the race of Kakutstha, नरशार्दूल best among men, नृपात्मज O Prince, Rama, प्रदीप्ते shining, द्वे two, मोदकी शिखरी Modaki and Shikhari, गदे two Maces, उभे both of them, प्रयच्छामि I shall give.
Summary
Born in the race of kakutstha and a tiger among men, O Rama I shall also grant two shining maces known as modaki and shikhari.
पदच्छेदः
| गदे | गदा (२.२) |
| द्वे | द्वि (२.२) |
| चैव | च (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| काकुत्स्थ | काकुत्स्थ (८.१) |
| मोदकी | मोदकी (१.१) |
| शिखरी | शिखरी (१.१) |
| उभे | उभ् (१.२) |
| प्रदीप्ते | प्रदीप्त (√प्र-दीप् + क्त, २.२) |
| नरशार्दूल | नर–शार्दूल (८.१) |
| प्रयच्छामि | प्रयच्छामि (√प्र-यम् लट् उ.पु. ) |
| नृपात्मज | नृप–आत्मज (८.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ग | दे | द्वे | चै | व | का | कु | त्स्थ |
| मो | द | की | शि | ख | री | उ | भे |
| प्र | दी | प्ते | न | र | शा | र्दू | ल |
| प्र | य | च्छा | मि | नृ | पा | त्म | ज |