अन्वयः
जनकेन by the king Janaka, समादिष्टा: commanded, सचिवा: ministers, पुरीम् city, प्राविशन् entered, तद्धनु: that bow, पार्थिवाज्ञया by the orders of king, पुरत: in their front, कृत्वा keeping, निर्जग्मु: departed.
Summary
Commanded by (king) Janaka, the ministers went to the city, put the bow in front of them and carried it as per the orders of the king.
पदच्छेदः
| जनकेन | जनक (३.१) |
| समादिष्टाः | समादिष्ट (√समा-दिश् + क्त, १.३) |
| सचिवाः | सचिव (१.३) |
| प्राविशन् | प्राविशन् (√प्र-विश् लङ् प्र.पु. बहु.) |
| पुरीम् | पुरी (२.१) |
| तद् | तद् (२.१) |
| धनुः | धनुस् (२.१) |
| पुरतः | पुरतस् (अव्ययः) |
| कृत्वा | कृत्वा (√कृ + क्त्वा) |
| निर्जग्मुः | निर्जग्मुः (√निः-गम् लिट् प्र.पु. बहु.) |
| पार्थिवाज्ञया | पार्थिव–आज्ञा (३.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ज | न | के | न | स | मा | दि | ष्ठाः |
| स | चि | वाः | प्रा | वि | श | न्पु | रीम् |
| त | द्ध | नुः | पु | र | तः | कृ | त्वा |
| नि | र्ज | ग्मुः | पा | र्थि | वा | ज्ञ | या |